आज का पंचांग तिथि, वार, नक्षत्र

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज कौन सा समय सबसे शुभ है? दैनिक पंचांग (आज का पंचांग) हर दिन की शुरुआत से पहले आवश्यक ज्योतिषीय जानकारी प्राप्त करने का सबसे प्रामाणिक तरीका है। यह प्राचीन हिंदू कैलेंडर केवल तिथि और वार ही नहीं बताता, बल्कि नक्षत्र, योग और करण जैसे पांच तत्वों की गणना करके हमें शुभ मुहूर्त और चौघड़िया के बारे में सूचित करता है, ताकि आप अपने हर काम के लिए सर्वोत्तम समय चुन सकें।

मंगलवार, मई 05, 2026

आज का पंचांग

तिथि
तृतीया - मई 5, 2026

को 05:27:40 बजे

"29:27:40 तक
नक्षत्र
अनुराधा - 09:58:33 तक
करण
वणिज - 16:15:15 तक, विष्टि - मई 5, 2026

को 05:27:40 बजे

"29:27:40 तक
पक्ष
कृष्ण
योग
परिघ - 23:18:43 तक
वार
सोमवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
05:38:21
सूर्यास्त
18:57:52
चन्द्र राशि
वृश्चिक
चन्द्रोदय
21:37:00
चन्द्रास्त
06:56:00
ऋतु
ग्रीष्म

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
21
मास पूर्णिमांत
ज्येष्ठ
मास अमांत
वैशाख
दिन काल
13:19:31

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
12:44:46 से 13:38:04 तक, 15:24:40 से 16:17:58 तक
कुलिक
15:24:40 से 16:17:58 तक
कंटक
08:18:16 से 09:11:34 तक
राहु काल
07:18:18 से 08:58:14 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
10:04:52 से 10:58:10 तक
यमघण्ट
11:51:28 से 12:44:46 तक
यमगण्ड
10:38:11 से 12:18:07 तक
गुलिक काल
13:58:03 से 15:38:00 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
11:51:28 से 12:44:46 तक

दिशा शूल

दिशा शूल
पूर्व

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य मेष 19-20-56 भरणी 2
चंद्र वृश्चिक 14-30-55 अनुराधा 4
मंगल मीन 24-26-32 रेवती 3
बुध मेष 07-30-31 अश्विनी 3
गुरू मिथुन 25-04-25 पुनर्वसु 2
शुक्र वृषभ 17-42-46 रोहिणी 3
शनि मीन 15-14-47 उ0भाद्रपद 4
राहु कुंभ 11-25-30 शतभिषा 2
केतु सिंह 11-25-30 मधा 4
यूरे वृषभ 06-15-47 कृतिका 3
नेप मीन 09-04-17 उ0भाद्रपद 2
प्लू मकर 11-04-55 श्रवण 1

आज का ज्योतिषीय विचार

“तारे और ग्रह ईश्वर के दूत हैं जो हमें संकेत देते हैं।”

— महर्षि कश्यप

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।