आज का पंचांग तिथि, वार, नक्षत्र

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज कौन सा समय सबसे शुभ है? दैनिक पंचांग (आज का पंचांग) हर दिन की शुरुआत से पहले आवश्यक ज्योतिषीय जानकारी प्राप्त करने का सबसे प्रामाणिक तरीका है। यह प्राचीन हिंदू कैलेंडर केवल तिथि और वार ही नहीं बताता, बल्कि नक्षत्र, योग और करण जैसे पांच तत्वों की गणना करके हमें शुभ मुहूर्त और चौघड़िया के बारे में सूचित करता है, ताकि आप अपने हर काम के लिए सर्वोत्तम समय चुन सकें।

शुक्रवार, जून 19, 2026

आज का पंचांग

तिथि
चतुर्थी - 19:01:27 तक
नक्षत्र
पुष्य - 11:33:37 तक
करण
वणिज - 08:16:47 तक, विष्टि - 19:01:27 तक
पक्ष
शुक्ल
योग
व्याघात - 17:35:20 तक
वार
गुरूवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
05:23:06
सूर्यास्त
19:21:05
चन्द्र राशि
कर्क
चन्द्रोदय
08:39:00
चन्द्रास्त
22:32:00
ऋतु
ग्रीष्म

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
4
मास पूर्णिमांत
ज्येष्ठ
मास अमांत
ज्येष्ठ
दिन काल
13:57:59

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
10:02:25 से 10:58:17 तक, 15:37:37 से 16:33:29 तक
कुलिक
10:02:25 से 10:58:17 तक
कंटक
15:37:37 से 16:33:29 तक
राहु काल
14:06:50 से 15:51:35 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
17:29:21 से 18:25:13 तक
यमघण्ट
06:18:57 से 07:14:49 तक
यमगण्ड
05:23:06 से 07:07:50 तक
गुलिक काल
08:52:35 से 10:37:20 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
11:54:09 से 12:50:01 तक

दिशा शूल

दिशा शूल
दक्षिण

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य मिथुन 02-34-45 मृगशिरा 3
चंद्र कर्क 12-56-50 पुष्य 3
मंगल मेष 27-58-52 कृतिका 1
बुध मिथुन 26-57-08 पुनर्वसु 3
गुरू कर्क 03-09-52 पुनर्वसु 4
शुक्र कर्क 11-03-46 पुष्य 3
शनि मीन 19-15-22 रेवती 1
राहु कुंभ 09-02-28 शतभिषा 1
केतु सिंह 09-02-28 मधा 3
यूरे वृषभ 08-50-16 कृतिका 4
नेप मीन 10-01-32 उ0भाद्रपद 3
प्लू मकर 10-41-13 श्रवण 1

आज का ज्योतिषीय विचार

“कर्म और ग्रह दोनों जीवन को गढ़ते हैं।”

— पंडित जगन्नाथ

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।