राशि मंत्र वैदिक मंत्र: समस्याओं का समाधान करने के लिए शक्तिशाली उपाय
राशि मंत्र वैदिक मंत्र (Vedic Mantra) वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक प्रमुख साधन है। यह सिर्फ शब्दों का एक समूह नहीं है, बल्कि ध्वनि और कंपन का एक संयोजन है जो व्यक्ति की आंतरिक ऊर्जा को ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ जोड़ता है। आइए, इस लेख में हम मंत्रों की शक्ति, उनके लाभ और समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न प्रकार के मंत्रों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
राशि मंत्र
मेष राशि बीज मंत्र
ॐ ऎं क्लीं सौः |
वृषभ राशि बीज मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं |
मिथुन राशि बीज मंत्र
ॐ श्रीं ऎं सौः |
कर्क राशि बीज मंत्र
ॐ ऎं क्लीं श्रीं |
सिंह राशि बीज मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं सौः |
कन्या राशि बीज मंत्र
ॐ श्रीं ऎं सौः |
तुला राशि बीज मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं |
वृश्चिक राशि बीज मंत्र
ॐ ऎं क्लीं सौः |
धनु राशि बीज मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं सौः |
मकर राशि बीज मंत्र
ॐ ऎं क्लीं ह्रीं श्रीं सौः |
कुम्भ राशि बीज मंत्र
ॐ ह्रीं ऎं क्लीं श्रीं |
मीन राशि बीज मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं सौः |
मेष
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी नारायणाभ्यां नमः ।।
वृषभ
ॐ गोपालाय उत्तरध्वजाय नमः ।।
मिथुन
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः ।।
कर्क
ॐ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरुपिणे नमः ।।
सिंह
ॐ क्लीं ब्रह्मणे जगदाधाराय नमः ।।
कन्या
ॐ नमः पीं पीताम्बराय नमः ।।
तुला
ॐ तत्वनिरञ्जनाय नमः ।।
वृश्चिक
ॐ नारायणाय सुरसिंघाय नमः ।।
धनु
ॐ श्रीं देवकृष्णाय उर्ध्वदन्ताय नमः ।।
मकर
ॐ श्रीं वत्सलाय नमः ।।
कुम्भ
ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः ।।
मीन
ॐ आं क्लीं उध्दृताय नमः ।।